हिंदी दिवस विशेष: मृणाल भट्टाचार्य

14th September 2022

बुकनर्डस हिन्दी के एक साल पूरे होने पर और हिन्दी दिवस के अवसर पर हमने मृणाल भट्टाचार्य से बात की । यह बातचीत हिन्दी भाषा और किताबों पर केंद्रित रही । इस चर्चा के लिए हमने चुनी थी "विद्रोहिणी" जिसमें विश्व की 25 ओजस्वी स्त्रियों की कहानियां हैं। मृणाल ने विद्रोहिणी की अपनी परिभाषा बताते हुए कहा - हर वो स्त्री जो अपनी दैनिक जीवन में संघर्षरत है , विद्रोहिणी है । जो हर दिन न जाने कितनी विषम परिस्थितियों से लड़कर एक सफ़र तय करती है । मृणाल के साथ जेंडर स्टीरियोटाइप पर भी बात हुई कि कैसे बचपन से ही हमारी परवरिश इस तरह की जाती है कि हम अपने भीतर ही जेंडर को लेकर काम का विभाजन करते हैं ।
 

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