विश्व साहित्य का हिंदी अनुवाद: मायने गंभीर होने के - ऑस्कर वाइल्ड

6th September 2022

'दि इंपोर्टेंस ऑफ बीइंग अर्नेस्ट' ऑस्कर वाइल्ड का लिखा अंतिम नाटक था जो 1894 के अंत में लिखा गया था । इसका पहला प्रदर्शन सेंट जेम्स थियेटर लंदन में 14 फरवरी 1895 को वैलेंटाइन डे पर किया गया । अपने चुटिले संवादों और प्रतिलोम परिहास (Inverse Humour) के कारण यह नाटक एक मास्टरपीस है ।

'मायने गंभीर होने के' इसका हिंदी अनुवाद है जिसे सौरभ श्रीवास्तव ने किया है । यह महज हिंदी अनुवाद ही नहीं है बल्कि भारतीय रूपांतरण भी है। क्योंकि हिंदी रूपातंरण में पात्रों के नाम, समय व स्थान भारतीय परिप्रेक्ष्य में लिए गये हैं । इसीलिए इसका अनुवाद हिंदी पाठकों के लिए अधिक प्रासंगिक है । इसका हिंदी अनुवाद इतना प्रभावशाली है कि आप पढ़ते समय यह अनुमान नहीं लगा पाएंगे कि यह एक अनुदित / रूपांतरित कृति है । लेखक ने इस नाटक के हास्य को उसी तरह पाठकों के समक्ष रखा है जैसे  मूल नाटक में है । एक कालजयी मास्टरपीस को हिंदी पाठकों व दर्शकों तक पहुंचाने का यह एक सफल प्रयास है।

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