भीष्म साहनी । पुण्यतिथि विशेष

11th July 2022

भारत और पाकिस्तान के अलग होता देखते हुए पलने - बढ़ने वाले भीष्म साहनी आधुनिक हिंदी साहित्य के एक ओजस्वी पुरोधा थे। कहते हैं पाकिस्तान के जन्म से पहले पैदा हुए (8 अगस्त, 1915) साहनी महोदय के लिए भारत-पाकिस्तान का विभाजन बहुत दुःखदायी रहा। बहरहाल, उन्होंने इस विभाजन को देखा भी और अपने  अनुभवों को कलम से कागज पर उकेरा भी। 

आज भीष्म साहनी की पुण्यतिथि है। बुकनर्ड्स उन्हें पुण्यतिथि पर श्रद्धाजंली अर्पित करता है।

भीष्म साहनी की साहित्यिक यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव
भीष्म साहनी का जन्म एक ऐसे दौर में हुआ जब भारत अपने आजादी के लिए लड़ रहा था। ऐसे माहौल में पले बढ़े भीष्म साहनी जी के साहित्यिक मन पर इन सबका एक गहरा असर दिखता है। फिर चाहे बात भारत-पाकिस्तान विभाजन की हो या सांप्रदायिक टकराव की। शुरुआत में साहनी जी भारतीय जन नाट्य संघ से जुड़े रहे। जिससे वे वामपंथी विचारधारा से रूबरू हुए। उनका जुड़ाव प्रगतिशील लेखक संघ से भी रहा। उनकी इन सक्रियताओं ने उनके कलम को बेहद गम्भीर, विश्लेषण से युक्त, तर्कसंगत और संतुलित बनाया। 

उनकी एक बेहद महत्वपूर्ण रचना “तमस” भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय गए दंगों का विश्लेषण है। 

तमस

आज के अतीत

बलराज माय ब्रदर

जालियांवाला बाग

आलमगीर

भीष्म साहनी को प्राप्त सम्मान
उनके साहित्यिक योगदान को देखते हुए 1975 में उनकी रचना “तमस” के “साहित्य अकादमी सम्मान”, शिरोमणि लेखक सम्मान (पंजाब सरकार), एफ्रो एशियन राइटर असोसिएशन का लोटस अवार्ड और पद्यभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया है।
 

Categories

आर्काइव